डैनी: 1,500 रुपए लेकर गजल सिंगर बनने आए थे मुंबई, लेकिन बन गए बॉलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन

डैनी: 1,500 रुपए लेकर गजल सिंगर बनने आए थे मुंबई, लेकिन बन गए बॉलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन

डैनी को असली पहचान 1973 में आई फिल्म ‘धुंध’ के नेगेटिव कैरेक्टर से मिली। उनका अभिनय इतना दमदार था उन्होंने दर्शकों के दिल में डर पैदा कर दिया। इसके बाद उन्होंने कांचा चीना, बख्तावर, खुदा बख्श और कई यादगार रोल निभाए, जो आज भी दर्शकों की यादों में ताजा हैं। i बॉलीवुड की दुनिया में…

Read More
ललिता पवारः 9 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में दस्तक, फिर बनीं बॉलीवुड की सबसे ‘अत्याचारी सास’

ललिता पवारः 9 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में दस्तक, फिर बनीं बॉलीवुड की सबसे ‘अत्याचारी सास’

ललिता पवार ने फिल्म ‘चतुर सुंदरी’ में 17 अलग-अलग किरदार निभाए। यह बेहद चुनौतीपूर्ण था। हर किरदार का स्वभाव, अंदाज और भाव अलग-अलग था, कभी गंभीर, कभी हास्यपूर्ण, कभी चालाक और कभी मासूम। दर्शक यह देखकर दंग रह गए कि यह सब एक ही अभिनेत्री ने किया है। i बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते…

Read More
मोगैम्बो खुश हुआ… 40 साल की उम्र में अमरीश पुरी के करियर ने भरी उड़ान, फिर बने बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन

मोगैम्बो खुश हुआ… 40 साल की उम्र में अमरीश पुरी के करियर ने भरी उड़ान, फिर बने बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन

इसके अलावा अमरीश पुरी ने ‘नगीना’, ‘लोहा’, ‘सौदागर’, ‘गदर’, और ‘नायक’ जैसी फिल्मों में भी दमदार किरदार निभाए। हर किरदार में उन्होंने अलग अंदाज दिखाया। उनकी आवाज, बॉडी और स्क्रीन पर आने वाली मौजूदगी ने दर्शकों को डर भी दिया और प्रेरित भी किया। उनका अंदाज इतना खास था कि हॉलीवुड के महान निर्देशक स्टीवन…

Read More
अमजद खानः बॉलीवुड के ‘गब्बर’, जिसने कभी डराया, कभी हंसाया तो कभी निभाई ‘जिगरी दोस्ती’

अमजद खानः बॉलीवुड के ‘गब्बर’, जिसने कभी डराया, कभी हंसाया तो कभी निभाई ‘जिगरी दोस्ती’

1975 में आई फिल्म ‘शोले’ ने उनके जीवन का रुख ही बदल दिया। गब्बर सिंह के किरदार ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इस भूमिका की वजह से उनकी आवाज, उनके हाव-भाव और उनका अंदाज हर किसी की जुबान पर आ गया। गब्बर सिंह की भूमिका ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे यादगार विलेन बना दिया,…

Read More
प्राणः खलनायकी ऐसी कि पर्दे पर देखते ही लोग देते थे गालियां और बद्दुआएं

प्राणः खलनायकी ऐसी कि पर्दे पर देखते ही लोग देते थे गालियां और बद्दुआएं

प्राण, अशोक कुमार के करीबी दोस्त थे और दोनों ने 20 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया। प्राण ने 1991 में ‘लक्ष्मणरेखा’ फिल्म का निर्माण भी किया। साल 1998 में दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्होंने फिल्में कम कर दीं, लेकिन अमिताभ के कहने पर ‘तेरे मेरे सपने’ (1996) और ‘मृत्युदाता’ (1997) में…

Read More