इंदौर में पानी से मौतेंः खतरे का घंटा बज रहा, पर कोई सुने तब तो
अभी पांच दशक पहले तक इंदौर में दो नदियां थीं। यहां पचास से अधिक तालाब और कोई 650 कुएं-बावड़ी भी थे। नगरीकरण सभी को हजम करता गया और पीने के पानी के लिए नर्मदा पर निर्भरता टिक गई। कैसी विडंबना है कि जिस जिले में शहर से कुछ ही दूरी पर साढ़े सात नदियों का संगम हो, वह…
