मनरेगा का खात्मा और नए लेबर कोड मजदूरों को भेड़ियों के सामने फेंकने जैसा

मनरेगा का खात्मा और नए लेबर कोड मजदूरों को भेड़ियों के सामने फेंकने जैसा

लेबर कोड मजदूरों की मोलभाव करने की ताकत को कम करते हैं, ट्रेड यूनियनों को कमजोर करते हैं, और एक मजदूर को मालिक के शोषण से मिलने वाली सुरक्षा छीन लेते हैं। इनकार नहीं कि मनरेगा में भी कमियां थीं, फिर भी इसने ग्रामीण गरीबों के रोजगार और आय को बढ़ाया। कम मजदूरी (अक्सर न्यूनतम…

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फास्ट डिलीवरी, स्लो मेहनताना : गिग वर्कर्स की अनिश्चित जिंदगी

फास्ट डिलीवरी, स्लो मेहनताना : गिग वर्कर्स की अनिश्चित जिंदगी

हाल के विरोध प्रदर्शनों की अहमियत यह है कि वे भारत के संरचनात्मक बदलाव के बारे में क्या संकेत देते हैं। ऐसा नहीं है कि प्लेटफॉर्म ने अनौपचारिक रोजगार का ट्रेंड शुरू नहीं किया, बल्कि उन्होंने इसे और बढ़ाया। जरूरत इसे ज्यादा से ज्यादा औपचारिक बनाने की है।  अगर भारत में काम का भविष्य तेजी…

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Labour Codes: देश की आधी आबादी को और सशक्त बनाने के लिए तैयार नई श्रम संहिताएं; महिलाओं के लिए बड़ा बदलाव

Labour Codes: देश की आधी आबादी को और सशक्त बनाने के लिए तैयार नई श्रम संहिताएं; महिलाओं के लिए बड़ा बदलाव

भारत को 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए श्रमबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना अनिवार्य है। फिलहाल श्रमबल में महिलाओं की भागीदारी 41.7 प्रतिशत है और विकसित भारत का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाना है। लगभग 30-अंकों के इस अंतराल को पाटने का मूल मकसद राष्ट्रीय उत्पादकता…

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