टूटे सपनों की कहानी है नीट पेपर लीक कांड
करियर्स 360 के चेयरमैन महेश्वर पेरी का कहना है कि सबसे बड़ी दिक्कत मांग और आपूर्ति में भारी बेमेल की है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 30,000 सीटों के लिए 23 लाख छात्र दो-दो हाथ करते हैं। सरकारी कालेजों में 5-6 लाख रुपये की फीस के मुकाबले, निजी मेडिकल कॉलेज 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक फीस लेते हैं। इससे ही उस हताशा, निराशा और मायूसी की वजह समझ आती…
