यादों में बिरजू महाराज: कथक की ख्याति विश्व मंच पर ले जाने वाले ‘कथक सम्राट’, नाम के पीछे है दिलचस्प किस्सा

यादों में बिरजू महाराज: कथक की ख्याति विश्व मंच पर ले जाने वाले ‘कथक सम्राट’, नाम के पीछे है दिलचस्प किस्सा

कम लोग जानते हैं कि सिनेमा जगत से भी उनका गहरा नाता था। उन्होंने शतरंज के खिलाड़ी, दिल तो पागल है, देवदास, गदर और विश्वरूपम जैसी फिल्मों में नृत्य निर्देशन किया। ‘विश्वरूपम’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। i पंडित बिरजू महाराज एक हस्ती का नाम है, जिन्होंने कथक…

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मोदी सरकार का ‘आपदा में अवसर’ का एक और कुत्सित खेल!

मोदी सरकार का ‘आपदा में अवसर’ का एक और कुत्सित खेल!

ग्रेट निकोबार द्वीप समूह हिन्द महासागर के नीले पानी के बीच है। यह हिन्द महासागर में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्वी भाग में स्थित 572 द्वीपों का समूह है। ये द्वीप इंडोनेशिया और थाईलैंड के पास हैं। 2013 में इसे यूनेस्को के जैवमंडल कार्यक्रम (ह्यूमन एंड बायोस्पियर प्रोग्राम) में शामिल किया गया था। यह समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों…

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बिहार में शिक्षण दायित्व निभाना एक चुनौती: उच्च शिक्षा के प्रति उदासीनता से जंग लड़ता एक उर्दू प्रोफेसर

बिहार में शिक्षण दायित्व निभाना एक चुनौती: उच्च शिक्षा के प्रति उदासीनता से जंग लड़ता एक उर्दू प्रोफेसर

नई पीढ़ी के शिक्षकों से इंटरव्यू पर आधारित श्रृंखला ‘सवाल उस्ताद से’ की तीसरी कड़ी में डॉ ज़ियाउल्लाह अनवर से विशेष बातचीत हुई। वे उर्दू विभाग, मगध विश्वविद्यालय (बोध गया) से संबद्ध हैं और छात्रों में उर्दू के प्रति प्रेम जगाने के लिए आधुनिक तकनीक का भरपूर उपयोग करते हैं। बातचीत में वे शिक्षण के…

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आकार पटेल  / कानून के शासन का असली संकट : पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ और लंबे खिंचते मुकदमे

आकार पटेल / कानून के शासन का असली संकट : पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ और लंबे खिंचते मुकदमे

यह कानून सात साल से लागू है। इस दौरान, पाँच मामलों में ट्रायल पूरा हुआ, और उन सभी में आरोपियों को बरी कर दिया गया। सात और मामले ट्रायल के दौरान खारिज कर दिए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘कोर्ट रिकॉर्ड से यह साफ़ है कि सबूतों के मानक आमतौर पर पूरे नहीं…

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संविधान के संकल्पों जैसी हैं संत रविदास की अवधारणाएं

संविधान के संकल्पों जैसी हैं संत रविदास की अवधारणाएं

हिन्दी में संत कवियों की लंबी परंपरा रही है। उसमें संत रविदास न सिर्फ अपने संतत्व बल्कि जीवन और सृजन में भी समता, स्वतंत्रता, न्याय, बंधुत्व और  मनुष्यता के सबसे प्रखर और निडर पैरोकार रहे हैं। अकारण नहीं कि ज्यादातर आलोचक उनको हिन्दी प्रदेश का पहला ऐसा संत कवि बताते हैं, जिसने सम्यक आजीविका पर जोर देकर लोगों को…

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विष्णु नागर का व्यंग्यः कल तक जो ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगा रहे थे, वे खुद इन दिनों बंटे और कटे हुए हैं!

विष्णु नागर का व्यंग्यः कल तक जो ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगा रहे थे, वे खुद इन दिनों बंटे और कटे हुए हैं!

अभी बजट से अधिक रोचक है, धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र में जो आजकल युद्ध चल रहा है। दोस्तों, कल तक जो ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगा रहे थे, वे खुद इन दिनों बंटे और प्रतीकात्मक ढंग से कटे हुए हैं। जो एक हैं तो सेफ हैं, कह रहे थे, उनकी एकता इतनी अधिक ख़तरे में है कि उनकी हालत पर रोना आ रहा है…

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वामपंथी नहीं, दक्षिणपंथी होते हैं बेहद हिंसक, पूरी दुनिया में फैला रहे हैं हिंसा

वामपंथी नहीं, दक्षिणपंथी होते हैं बेहद हिंसक, पूरी दुनिया में फैला रहे हैं हिंसा

इस दौर में दुनिया भर में चरम दक्षिणपंथी सत्ता का बोलबाला है और दक्षिणपंथी हमेशा से ही अपने आप को सबसे बड़े विकासोन्मुखी, शांतिप्रेमी, राष्ट्रवादी और देशभक्त बताते रहे हैं। इनकी नजर में समाज के हरेक समस्या की जड़ में वामपंथी विचारधारा है, जिसे जनता को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए। दक्षिणपंथी वामपंथ को हमेशा…

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क्या साम्प्रदायिकता का नया हथियार बन रहा है चुनाव आयोग का फॉर्म 7 ?

क्या साम्प्रदायिकता का नया हथियार बन रहा है चुनाव आयोग का फॉर्म 7 ?

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुष्मिता देव पूछती हैं, “अगर हिमंता बिस्वा सरमा को चुनाव जीतने का इतना ही भरोसा है, तो उन्हें फर्जी आपत्तियों के जरिये मुस्लिम मतदाताओं को हटाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?” उन्होंने आगे कहा, “परिसीमन और मुसलमानों को बेदखल करके मुस्लिम मतदाताओं को 22 निर्वाचन क्षेत्रों…

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नफरती सियासत पर सवार उत्तराखंड की धामी सरकार

नफरती सियासत पर सवार उत्तराखंड की धामी सरकार

दो एक्टिविस्ट ने इस मुस्लिम विरोधी प्रोपेगेंडा की सच्चाई जानने का फैसला किया। उन्होंने उत्तराखंड के कोने-कोने में घूमकर यह डॉक्यूमेंट किया कि कैसे 2021-25 के बीच मुसलमानों को सोचे-समझे तरीके से  हिंसा का शिकार बनाया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों को अपना घर छोड़कर अपने ही देश में शरणार्थी बनने पर मजबूर होना पड़ा। ‘एक्सक्लूडेड,…

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समझना होगा मनरेगा का आर्थिक-सामाजिक पक्ष

समझना होगा मनरेगा का आर्थिक-सामाजिक पक्ष

सरकार पर बस नहीं चला, तो सारी खीझ सबसे कमजोर पर निकली। इस वर्ग को इस बदलाव से राहत महसूस हो सकती है। कदाचित सत्तारूढ़ दल ने उनको अपने पक्ष में करने के लिए यह किया हो, ताकि जाति जनगणना और सामाजिक न्याय के अभियान को पलटा जाए। उनमें से अधिकांश पिछड़े वर्ग के संभ्रांत…

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